New Editorials of

Ram Kumar 'Sewak'

(Chief Editor, Pragatisheel Sahitya) {Former Editor, Sant Nirankari Hindi}

are available on :-

www.maanavta.com

 

 

 

 

 

नयी सूक्तियां 

 

प्रणाम और परिणाम 

ज़िंदगी में अपनों से बड़ों को प्रणाम करना सीखिए कहा जाता है कि प्रणाम परिणाम बदल देता है |

 

विनम्रता 

जो वास्तव में महान पुरुष होते हैं उनका सबसे बड़ा गुण है-विनम्रता-रस्किन 

वक़्त 

आदमी के शब्द नहीं बोलते ,उसका वक़्त बोलता है|

 

योग्यता

हमारी योग्यता 

कभी न गिरने में नहीं 

बल्कि हर बार गिरने पर 

फिर उठने में निहित होती है |

 

साथी

ऊंचाई की और बढ़ें तो 

कभी भी साथियों की उपेक्षा न करें 

क्यूंकि 

नीचे की और आते समय 

यही साथी आपकी मदद करेंगे |

 

सलीका 

रंजिशों में भी 

यह सलीका क़ायम रहे -

रंजिशें अपनी जगह 

सलाम अपनी जगह |

 

चेहरा 

हमेशा अपना चेहरा 

रोशनी (सत्य )की ओर रखो 

इससे छाया आपके पीछे रहेगी |

 

एकाग्रचित्त 

आप में कितनी भी योग्यता क्यों न हो 

एकाग्रचित्त होकर ही आप महान कार्य कर सकते हैं |

 

जुनून

यदि आप सड़क किनारे कार रोककर कुछ करने को तड़प रहे,बिना यह सोचे कि लोग क्या कहेंगे तो यही आपका जुनून है -एन .रघुरामन 

 

गुंजाइश 

ज़िन्दगी कितनी भी मुश्किल क्यों न लगे लेकिन  आपके  पास कुछ न कुछ करने और कामयाब होने की गुंजाइश हमेशा रहती है |

 

प्रशिक्षण 

आपको प्रशिक्षण के हर क्षण से नफरत हो सकती है लेकिन अभी कष्ट उठाएंगे तो पूरा जीवन विजेता की तरह बीतेगा |

 

ईमान 

खातिर से या लिहाज से मैं मान तो गया 

झूठी कसम से आपका ईमान तो गया -दाग देहलवी 

 

ताक़त 

हार मानना दुनिया में सबसे आसान काम है 

ताक़त तो तब है जब आप मुश्किल हालात में भी जूझते रहें |

 

ख़ुशी 

अपनी ज़िन्दगी में वह हर मिनट जब आप क्रोधित होते हैं तो ख़ुशी के साथ सेकंड गंवा चुके होते हैं |

 

शोला 

शोला हूँ धधकने की गुजारिश नहीं करता 

सच मुँह से निकल जाता है, कोशिश नहीं करता 

 

कुछ विचार 

१-बाहर का भेष,

कर नहीं सकता ख़त्म-भीतर के विकार 

काम-क्रोध,ईर्ष्या-द्वेष  

 

२-पावन वचन 

सुनना,स्वीकारना और फिर -

व्यवहारना 

बना सकता है-भक्त 

किसी को भी -और 

खत्म कर सकता है-

हर मिथ्या धारणा 

 

३-धार्मिक होने का प्रमाण है-

दया-क्षमा-प्रेम से युक्त होना 

और-आडमबरो से मुक्त होना 

 

४-प्रेम है-जीवन सार 

मानवता का सर्वोच्च उपहार 

इसके बिना -जीवन बेकार 

 

५-ढंग अनेक ,रंग अनेक 

सब लगते हैं -एकम -एक 

जाग जाए जब भाव -विवेक 

 

६-लोक-परलोक दोनों संवारे 

  ब्रह्मवेत्ता सतगुरु प्यारे 

देकर ब्रह्मज्ञान 

बनाएं -इंसानियत अनियत से युक्त इंसान 

 

७- सत्संग से मिलता है-

मन-आत्मा को किनारा 

बहती है वहां ज्ञान की धारा 

लगता है अपना-संसार सारा 

 

८-माया के लोभ-और  

मन के क्षोभ रूपी अग्नि 

को शांत करने के लिए -चाहिए 

ब्रह्मज्ञान रूपी जल -निर्मल 

 

९-मैं शब्द -तुम अर्थ 

तुम बिन -मैं बेअर्थ 

 

१०-सहजता है-भक्त की पहचान 

बनता है-जिससे जीवन महान 

आती है यह- परम-पावन निरंकार से 

 और-शुद्ध भाव से किये व्यवहार से

 

११-इस दुनिया में -ऐ दुनिया वालो 

बड़ा  मुश्किल है इन्साफ करना 

बड़ा आसा है-देना सज़ाएं 

मगर मुश्किल है  बस माफ़ करना 

 

१२-बुरे के साथ बुराई 

कर सकता है -कोई भी 

मगर -संत-महात्मा 

बुरे के साथ भी करते हैं-अच्छाई -

पूरी मानवता की भलाई 

 

१३-ज़रुरत तो हो सकती है पूरी 

मगर लालच का पेट कभी नहीं भरता 

और आदमी पाप के गड्ढे में है -गिरता 

 

१४-अनुशासन और व्यवस्था 

बनाती है -जीवन को संतुलित 

और करती है सुन्दर-मन की अवस्था 

 

 

 

महान सूक्तियां और विचार 

नयी सूक्तियां 

धर्म  

धर्म वह प्रक्रिया है ,जिससे मनुष्य,मनुष्य बनता है |

धर्म का काम जोड़ना है,तोडना नहीं -निरंकारी बाबा हरदेव सिंह जी 

रिश्ते 

मानवीय रिश्ते बिजली के तारों जैसे होते हैं,गलत जुड़ जाएँ तो झटका देते हैं और सही हुड जाएँ तो रौशनी फैलाते हैं |

सच्चे ह्रदय की महत्ता 

दूरियां कभी किसी रिश्ते को नहीं तोड़ सकतीं और नज़दीकियां कभी किसी रिश्ते को बना नहीं सकतीं |अगर भावनाएं सच्चे ह्रदय से हों तो दोस्त दोस्त ही रहते हैं भले ही वे मीलों दूर क्यों न हों |

दिल और स्वभाव 

अच्छा दिल और अच्छा स्वभाव दोनों आवश्यक हैं |अच्छे दिल से कई रिश्ते बनेंगे और अच्छे स्वभाव से वो जीवन भर टिकेंगे |

इतिहास का  निर्माण

जीवन में एक बार जो फैसला कर लिया तो फिर पीछे मुड़कर मत देखो क्योंकि पलट पलट कर देखने वाले इतिहास नहीं बनाते -चन्द्रगुप्त मौर्य 

ऊंचाई नापने के पैमाने 

किसी व्यक्ति की ऊंचाई नापने के तीन पैमाने हैं-ह्रदय की मधुरता,उदारता और विनम्रता 

जीवन सूत्र 

खुश रहा करें क्योंकि परेशान होने से कल की मुश्किल दूर नहीं होती बल्कि इससे आज का सुकून भी चला जाता है |

दोष देने की आदत 

इंसान की प्रायः दोष देने की आदत होती है-

डूबता है तो पानी को दोष देता है |

गिरता है तो पत्थर को दोष देता है |

इंसान भी बहुत अजीब है,कुछ नहीं कर पाता तो

किस्मत को दोष देता है | 

विशालता से टिकाव 

छोटी-छोटी बातें दिल में रखने से बड़े बड़े रिश्ते कमजोर हो जाते हैं |बड़ी सोच और बड़ा दिल ज़िंदगी की हर सुबह खुशहाल बनाते हैं |       

महान सूक्तियां और विचार 

नयी सूक्तियां 

धर्म 

धर्म का उद्देश्य है-धारण करना |मनुष्यों को एक दूसरे के साथ सम्बद्ध करके उनका एकत्र भाव धारण करना -दादा धर्माधिकारी 

 

जो मनुष्यों को संयुक्त करता है वह धर्म है ,जो विभक्त करता है,वह अधर्म है -दादा धर्माधिकारी 

 

मिलकर रहना प्यार करना धर्म है,ईमान है-निरंकारी बाबा हरदेव सिंह जी 

 

आधुनिकता और प्रगतिशीलता

आधुनिकता और प्रगतिशीलता की असली पहचान हमारे सामाजिक संघर्षों से होगी |कोई चुटिया रखता है या कोई सिन्दूर लगाती है इससे निपटारा नहीं होगा ----चन्दन लगाने वाला भी प्रगतिशील हो सकता है अगर वह संघर्ष का समर्थन करता है तो |और कोई कामरेड यदि भाई या बेटे के लिए दहेज़ मांगे तो हम वहां उसके नंबर काट लेंगे-नागार्जुन

 

नागरिक कर्तव्य 

हमारी नागरिकता तभी सशक्त हो सकती है जब नागरिक लगातार सजग और सक्रिय रहें ,मुखर और ज़िम्मेदार भी |चुप रहकर हम सभी किस्म की हिंसा को खूंखार खेल खेलते रहने की इज़ाज़त देते हैं ,हमारी नागरिकता में मनमानी कटौती करने की भी -अशोक वाजपेयी  

मौन की महिमा  

पेड़ की सबसे बड़ी विशेषता यही है कि वह चुपचाप खड़ा रहता है और सबको फल और छाया देता हैं |भारत को आज चुप नेताओं की ज़रुरत है  -डॉ.ज़ाकिर हुसैन 

महान सूक्तियां और विचार 

रिश्ते वो होते हैं-

जिनमें शब्द कम और समझ ज्यादा हो ,

जिनमें तक़रार कम और प्यार ज्यादा हो .

जिनमें आशा कम और विश्वास ज्यादा हो ,

भले ही धर्म कम हो लेकिन कर्म अच्छे हों और ज्यादा हों | 

 

संकल्प-विकल्प 

विकल्प मिलेंगे बहुत -मार्ग भटकाने के लिए  

संकल्प एक ही काफी है-मंज़िल तक पहुंचाने के लिए |

 

उम्मीद 

उम्मीद वर्षों से दहलीज़ पर खड़ी वो मुस्कान है 

जो हमारे कानो में धीरे से कहती है-सब अच्छा होगा |

 

बड़ा कौन 

कामयाबी बड़ी नहीं उसे पाने वाले बड़े होते हैं ,

ज़ख्म बड़े नहीं उसे भरने वाले बड़े होते हैं ,

रिश्ते बड़े नहीं ,उन्हें निभाने वाले बड़े होते हैं |

 

सलाह और सहयोग 

दुनिया की सबसे सस्ती चीज़ है -सलाह 

सलाह एक से मांगो-हज़ारों से मिलती है |

और सबसे महंगा है-सहयोग 

हज़ारों से मांगो-तब कहीं एक से मिलता है | 

 

संयुक्त परिवार का महत्व

संयुक्त परिवार संकट के समय न केवल सहारा देते हैं बल्कि उनकी प्रार्थना में वह बल है जिसे कोई फंडा नहीं समझा सकता -एन ,रघुरामन 

 

सत्य बहुत सहज और सरल है लेकिन हमारी सभ्यता ने उसे बहुत दुर्गम और असाध्य बनाकर छोड़ दिया है -निर्मल वर्मा 

 

व्यवहार बिना प्रचार 

पवित्र वचनो को सुन लेना और उन्हें आगे सुना देना वैसा ही है जैसे शुद्ध पानी के कुल्ले कर देना |यद्यपि इसमें भी कुछ हानि नहीं है जुबान तो पवित्र हो ही जाती है ,साथ ही कोई और उनसे प्रेरणा ले सकता है लेकिन कुल्ले करने से प्यास नहीं बुझती |जिस प्रकार प्यास बुझाने के लिए पानी को पीना पड़ता है इसी प्रकार पूर्ण लाभ लेने के लिए पवित्र वचनो को व्यवहार का अंग बनाना चाहिए -रामकुमार सेवक

   

अत्याचार किसके अविष्कार 

जितने भी अत्याचार हैं,वे सब सभ्य आदमी के आविष्कार हैं |

 

चिराग 

जहाँ रहेगा रौशनी फैलाएगा ,चिराग का कोई अपना मकां नहीं होता ---

महान सूक्तियां और विचार 

 

ह्रदय की स्वच्छता 

शरीर का सबसे सुन्दर अंग है-ह्रदय |यदि यही साफ़ न हुआ तो सुन्दर चेहरे का भी क्या लाभ 

चिंता और क्रोध 

मनुष्य सुबह से शाम तक काम करके इतना नहीं थकता जितना चिंता और क्रोध से एक क्षण में थक जाता है |

मूर्खता की निशानी 

मूर्ख व्यक्ति को अपने में दोष नहीं दिखाई देते लेकिन दूसरों में दोष ही दोष दिखाई देते हैं -चाणक्य 

रिश्ते 

रिश्ते कभी भी अपनी मौत नहीं मरते |उनकी हत्या की जाती है -व्यवहार.अहंकार ,छिपे हुए सार्थों ,अनाड़ीपन और गलत दृष्टिकोण द्वारा 

क्षमाशीलता 

दूसरों को उतनी ही जल्दी माफ़ कर दिया करो जितनी जल्दी आप गलती करके प्रभु से अपने लिए माफी की उम्मीद करते हो | 

अदृश्य पार्टनर 

हर कोई कुछ न कुछ कर सकता है और जीत सकता है क्योंकि हम सबके साथ एक अदृश्य पार्टनर होता है-ें एन .रघुरामन  

महान सूक्तियां और विचार 

 

उम्मीद की संभावना 

ईश्वर ने बादलों में इंद्रधनुष इसलिए रखे हैं ताकि हम में से हर कोई अपने-अपने बुरे से बुरे क्षणों में उम्मीद की संभावना देख सके -अज्ञात  

 

 

धर्म और राजनीति

धर्म और राजनीति के दायरे अलग रखना ही अच्छा है ,लेकिन यह समझते हुए कि दोनों की जड़ें एक हैं |धर्म एक दीर्घकालीन राजनीति है ,----धर्म जो दीर्घकाकीन है,अच्छाई करता है और अच्छाई की स्तुति करता है |राजनीति जो अल्पकालीन है ,बुराई से लड़ती है और बुराई की निंदा करती है |जब फ़र्क़ बढ़ जाता है और एक-दूसरे से संपर्क टूट हो जाता है तो अच्छे की स्तुति निर्जीव हो जाती है और बुरे की निंदा कलही हो जाती है |अच्छे से अच्छे धर्म के सामने खतरा है कि वह अर्धमुर्दा हो जाए और अच्छी से अच्छी राजनीति के सामने खतरा है कि झगड़ालू बन जाए |

 

                                                       -डॉ.राममनोहर लोहिया   

  

आंतरिक करुणा 

करुणा और दया से मेरा तात्पर्य उस करुणा से नहीं है जिसमें शोषण ,कालाबाज़ारी आदि व्यावहारिक क्रूरताओं की छूट रहती हो |जो किसी भिखारी को मुट्ठी भर धान और चींटियों के बिलों पर चीनी डालकर संतुष्ट हो जाती है |करुणा या दया वह है जिसके जाग्रत होने पर मनुष्य दूसरे को ठग नहीं सकता .धोखा नहीं दे सकता |भिखारी को रोटी का टुकड़ा देकर खुश होने की अपेक्षा अपने ही सामाजिक परिदृश्य को भिखारी के रूप में देखकर दुःख होना आंतरिक करुणा है |यह करुणा जाग्रत करनी चाहिए -                                                                                                                             -आचार्य तुलसी      

मित्रता 

रोगी होने पर,दुखी होने पर,अकाल पड़ने पर,शत्रु से संकट उपस्थित होने पर किसी मुक़दमे आदि में फँस जाने पर ,गवाह एवं सहायक के तौर पर राज सभा में और मरने पर जो शमशान में भी साथ देता है वही सच्चा बंधू है |

 मुख पर तो चिकनी -चुपड़ी बातें बनाये और पीठ पीछे कार्य को बिगाड़ दे ,ऐसे मित्र को त्याग देना चाहिए क्यूंकि वो तो उस घड़े के समान है जिसके ऊपर तो दूध भरा हो और भीतर विष भरा हो |कुमित्र पर तो विश्वास करना ही नहीं चाहिए ,सुमित्र  पर भी  विश्वास न करे क्यूंकि कभी वह रुष्ट हो गया तो सारे रहस्यों का भंडा फोड़ देगा - आचार्य चाणक्य    

मील के पत्थर 

परेशानियों का इलाज 

जीवन में परेशानियां जितनी ज्यादा हों 

चिंता करने से और बढ़ती हैं -

खामोश होने से बिलकुल कम -

सब्र करने से ख़त्म हो जाती हैं |

परमात्मा का शुक्र करने से 

परेशानियां खुशियों में बदल जाती हैं |

 

दो उसूल 

दो पल की ज़िन्दगी के दो उसूल 

निखरो-फूल की  तरह 

बिखरो-खुशबू की तरह 

 

यह ख्याल रखना 

 

यदि सफलता एक  सुन्दर पुष्प है 

तो-विनम्रता उसकी सुगंध 

ज़िन्दगी में जो चाहो हासिल कर लो 

बस इतना ख्याल रखना कि-

आपकी सफलता का रास्ता लोगों के दिलों को तोड़ता हुआ न गुजरे |

 

भरोसा और धोखा 

 

भरोसा जितना कीमती होता है 

धोखा उतना ही महंगा होता है |

फूल कितना भी सुन्दर हो ,

तारीफ खुशबू से होती है 

इंसान जितना भी बड़ा हो,कदर उसके गुणों से होती है |

 

लफ्ज़ और अदब 

लफ्ज़ आईने हैं -मत इन्हें उछाल के चलो 

मिली है ज़िन्दगी -हमें इसी मक़सद से 

संभाल खुद को भी -औरों को भी संभाल के चलो